Sunday, 23 July 2017

ई.एस.आई.सी. और ई.पी.एफ. के दायरे का विस्तार के सम्बन्ध में श्री बंडारू दत्तात्रेय, श्रम और रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) का लोकसभा में महत्वपूर्ण बयान

ई.एस.आई.सी. और ई.पी.एफ. के दायरे का विस्तार के सम्बन्ध में श्री बंडारू दत्तात्रेय, श्रम और रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) का लोकसभा में महत्वपूर्ण बयान

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भारत सरकार
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय
लोक सभा


अतारांकित प्रश्न संख्या 43


सोमवार, 17 जुलाई, 2017/26 आषाढ़, 1939 (शक)


ई.एस.आई.सी. और ई.पी.एफ. के दायरे का विस्तार


43. श्री दुष्यंत चौटाला:


क्या श्रम और राजगार मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि:



(क) क्या सरकार का निर्माण कामगारों और अन्य गैर—संगठित क्षेत्रों के लिए ई.ए​स.आई.सी. और ई.पी.एफ. के अन्तर्गत लाभ विस्तारित करने का विचार है और यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है;


(ख) क्या सरकार ने ई.एस.आई.सी. और ई.पी.एफ. के अन्तर्गत लाभार्थियों का ब्यौरा भेजने हेतु राज्य सरकारों को अनुरोध किया है, और

(ग) यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है और ई.एस.आई.सी. और ई.पी.एफ. के लाभार्थ इस योजना के अन्तर्गत गैर—संगठित क्षेत्रों के पंजीकृत कामगारों की राज्य/संघ राज्यक्षेत्र—वार कुल संख्या कितनी है?


उत्तर


श्रम और रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)


(श्री बंडारू दत्तात्रेय)


(क) से (ग): 21,000/— रू. प्रतिमाह तक का वेतन पाने वाले कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) कार्यान्वित क्षेत्रों में स्थित निर्माण कम्पनियों में कार्यरत सन्निर्माण कामगार कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 के अन्तर्ग्त शामिल हैं। 01.08.2015 से निर्माण स्थल कामगारों को भी दायरे में शामिल किया गया है। इस प्रकार, कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) एवं प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम, 1952 को भी 31.10.1980 से 20 अथवा अधिक व्यक्तियों को नियोजित करने वाले भवन एवं सन्निर्माण उद्योग में लगे प्रतिष्ठानों पर लागू किया गया था। इस प्रकार, कर्मचारी भविष्य निधि एवं प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम, 1952 के अन्तर्गत निर्मित योजनाओं के तहत लाभों का पहले से ही ऐसे प्रतिष्ठानों में लगे सन्निर्माण कामगारों तक विस्तार किया गया है।


कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 तथा कर्मचारी भविष्य निधि एवं प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम, 1952 दोनों ही मुख्य रूप से संगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए हैं। असंगठित क्षेत्र के संबंध में कर्मचारी राज्य बीमा निगम आॅटो रिक्शा चालकों तथा घरेलू कामगारों एवं उनके परिवार के सदस्यों जैसे स्व—नियोजित कामगारों की चयनित श्रेणी को प्रायोगिक आधार पर दिल्ली एवं हैदराबाद में चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु दो अलग—अलग योजनाएं पहले से ही प्रारंभ कर चुका है परंतु परिणाम उत्साहवर्धक नहीं था।


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