Proforma for re-imbursement of Children Education Allowance
View
Certificate from Head of Institution for CEA re-imbursement
View
Self Declaration for CEA re-imbursement
View
GPF Interest Rate w.e.f. 01.04.2018
View
CAT Ernakulum Bench Order regarding fixation of pay in the merged pay scale of 5000-8000 and 5500-9000 with 6500-10500 (5th CPC) in Pay Band-2 + Grade Pay 4200
View
Fixation of pay on promotion equivalent to the person who joined the post afresh
View

7th Pay Commission : केन्द्रीय कर्मियों के लिए बुरी खबर, न्यूनतम वेतन में वृद्धि की कोई सम्भावना नहीं

with 0 Comment

7th Pay Commission : केन्द्रीय कर्मियों के लिए बुरी खबर, न्यूनतम वेतन में वृद्धि की कोई सम्भावना नहीं 
bad-news-for-cg-employees
कर्मचारी यूनियन लम्बे अरसे से केन्द्र सरकार के कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन को 18000 से बढ़ा कर 26000 प्रतिमाह करने की मांग करते आ रहे हैं। परन्तु केन्द्रीय कर्मियों को अभी तक निराशा ही हाथ लगी है। सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वो न्यूनतम वेतन में कोई बदलाव नहीं करने जा रही है।



सातवें वेतन आयोग में लागू न्यूनतम वेतन में वृद्धि की मांग कर रहे केन्द्रीय कर्मियों के लिए बुरी खबर है।


कर्मचारी यूनियन न्यूनतम मूल वेतन में वृद्धि करके उसे 18000 से बढ़ाकर 26000 प्रतिमाह करने की मांग करते आ रहे हैं। सरकार ने भी पूर्व में यह आश्वासन दिया था कि वो इस मामले पर अवश्य ध्यान देंगी।


न्यूनतम वेतन में कोई वृद्धि नहीं


न्यूनतम वेतन में वृद्धि हेतु नेशनल एनोमली कमिटी में चर्चा हो रही थी। इस मामले को नेशनल एनोमली कमिटी देख रही थी तथा अनोमली कमिटी की मिटिंग में न्यूनतम वेतन वृद्धि पर चर्चा हुई थी। हालांकि सरकार ने यह निर्णय ले लिया है कि वह इस मामले पर आगे नहीं बढ़ेगी। अत: अब न्यूनतम वेतन में वृद्धि की कोई सम्भावना नहीं है।


न्यूनतम वेतन रूपये 18000


कर्मचारी यूनियनों के अनेक प्रयासों के बावजूद सरकार ने यह निर्णय लिया है कि न्यूनतम 18000 प्रतिमाह ही रहेगी। मामला समिति के समक्ष है। यह मांग की गई है कि वेतन 18,000 रुपये से बढ़ाकर 26,000 रुपये हो। यहां तक कि समिति का भी इस मामले पर सकारात्मक रूख था, परन्तु सरकार का कहना है कि किसी भी बदलाव के लिए कोई गुंजाइश नहीं है।


पीएसयू के लिए कोई गुंजाइश नहीं


सार्वजनिक क्षेत्र के इकाइयों के कर्मचारियों ने भी इसी तरह की मांग की थी। वे भी मांग करते आ रहे थे कि उनका न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये हो। हालांकि सरकार ने इसे स्पष्ट कर दिया है कि इसे केंद्र सरकार के कर्मचारियों के समरूप नहीं किया जाएगा।


कर्मचारियों में निराशा की भावना है


7 वें वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद भारत के वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि निजी क्षेत्र के लोगों की तुलना में केंद्र सरकार के कर्मचारियों का वेतन सम्मानजनक होना चाहिए। हालांकि कर्मचारी अपने आप को ठगे हुए एवं निराश महसूस कर हैं क्योंकि जुलाई 2016 से भत्ते के बकाए के लिए उनकी मांग पूरी नहीं हुई।


Read at ONEINDIA



Related Post

0 comments:

Post a Comment