Saturday, 18 August 2018

7वां वेतन आयोग: न्यूनतम वेतन में वृद्धि का मामला — निराशा परन्तु उम्मीद अभी भी कायम


7वां वेतन आयोग: न्यूनतम वेतन में वृद्धि का मामला — निराशा परन्तु उम्मीद अभी भी कायम

केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन में कोई वृद्धि नहीं, हालांकि केन्द्रीयकर्मी अभी भी आशान्वित

केंद्र सरकार में नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार द्वारा संभावित न्यूनतम वेतन वृद्धि घोषणा की उम्मीदों से संबंधित 50 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारियों एवं करीब इतने ही पेन्शनरों की अपेक्षाओं और उम्मीदों को फिर से कुचल दिया गया। यह पहली बार नहीं था कि सरकार के कदम ने केन्द्रीय कर्मियों को निराश किया है।

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इसके साथ ही अब सवाल यह उठता है कि केन्द्रीय सरकारी कर्मचारियों का अगला कदम क्या होगा ... क्या वे एक आंदोलन-कार्यस्थगन, हड़ताल के लिए जाएंगे या नहीं? क्या कर्मचारी ऐसे समय मोदी सरकार पर भरोसा कर सकते हैं जब न्यूनतम वेतन में वृद्धि की मांग पर बार-बार निराशा हाथ लगी हो? उससे भी बड़ा सवाल, क्या वास्तव में न्यूनतम वेतन में वृद्धि होगी?

हालांकि कर्मचारी संघों ने अभी तक स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की भाषण पर अभी तक टिप्पणी नहीं की है, परन्तु कुछ का मानना है कि केंद्र उचित समय पर एक घोषणा के साथ आएगा और सरकार द्वारा इस मामले में कुछ भी नहीं कहने से निराशा नहीं हुई है क्योंकि यह मीडिया द्वारा बनाई गई अफवाह और प्रचार था।

हालांकि, इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि बीजेपी शासित राज्यों द्वारा घोषित 7 वें वेतन आयोग की लाभों को देखते हुए केंद्र सरकार के कर्मचारियों को भी न्यूनतम वेतन में वृद्धि की उम्मीद थी।


"एनडीए सरकार ने पहले से ही यह स्पष्ट कर दिया था कि वह न्यूनतम वेतन वृद्धि से संबंधित मामले में कुछ भी नहीं सोच रही है। सरकार के इस घोषणा के बाद इस बात की चर्चा वहां ही रूक जानी चाहिए थी। इसके बावजूद भी एक सेवानिवृत्त केन्द्रीय सरकारी कर्मचारी ने कहा, "निश्चित रूप से सरकार द्वारा कई कारकों को ध्यान में रखते हुए कुछ घोषणा की जाएगी।"
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एक अन्य केन्द्रीय सरकारी कर्मचारी ने वित्त राज्य मंत्री श्री पी राधाकृष्णन द्वारा इसी माह दिए बयान को याद दिलाते हुए स्पष्ट किया कि मंत्री ने तब कहा था कि सरकार केन्द्रीय सरकारी कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन में किसी भी वृद्धि पर विचार नहीं कर रही है। भविष्य में बढ़ोतरी की उम्मीद व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, "तब तक सभी चर्चाओं को रोक दिया जाना चाहिए।"


इस बीच, ऐसा माना जा रहा है कि मोदी सरकार 2019 के आम चुनावों से पहले कभी भी इस मामले पर विचार कर सकती है या फिर यदि यह फिर से सत्ता में आती है तो नई सरकार भी इस पर विचार कर सकती है।

विदित हो कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को वर्तमान में 18,000 रुपये का न्यूनतम वेतन मिल रहा है। वे इसमें 8000 रुपये की वृद्धि के साथ मौजूदा 2.57 गुणा से फिटनेस कारक में 3.68 गुना करते हुए न्यूनतम वेतन के रूप में 26,000 रुपये प्रतिमाह की मांग कर रहे हैं।

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