Thursday, 16 August 2018

7वां वेतन आयोग: न न्यूनतम वेतन में वृद्धि, न फिटनेस फैक्टर में बदलाव और न ही सेवानिवृत्ति की उम्र में कोई बदलाव प्रस्तावित

7वां वेतन आयोग: न न्यूनतम वेतन में वृद्धि, न फिटनेस फैक्टर में बदलाव और न ही सेवानिवृत्ति की उम्र में कोई बदलाव प्रस्तावित

पचास लाख केन्द्रीय सरकारी कर्मचारियों और समान संख्या में सेवानिवृत्त लोगों को निराशा ही हाथ लगी जो 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों से परे न्यूनतम वेतन और फिटनेस फैक्टर में वृद्धि की प्रतीक्षा कर रहे थे। अटकलें लगाई जा रही थी कि प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी, प्रधान मंत्री के रूप में अपने अंतिम स्वतंत्रता दिवस के बजट में कुछ अच्छी खबर दे सकते हैं। कई लोगों का मानना था कि अच्छे मानसून और सकारात्मक आर्थिक कारकों को देखते हुए, आम चुनाव से कुछ महीने पहले सकारात्मक घोषणा हो सकती है।

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हालांकि प्रधान मंत्री मोदी ने बताया कि अगले तीन दशकों में भारतीय अर्थव्यवस्था एक पावरहाउस कैसे होगी लेकिन उनके पास सरकारी कर्मचारियों के लिए कोई अच्छी खबर नहीं थी।

वित्त राज्य मंत्री पी राधाकृष्णन ने लोकसभा में इसके पूर्व कहा था कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के पास सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से परे न्यूनतम मूल वेतन में कोई वृद्धि करने की कोई योजना विचाराधीन नहीं है (यहां ​क्लिक करें)। हालांकि, हरियाणा सरकार ने सरकारी विश्वविद्यालयों, सरकारी विश्वविद्यालयों और सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों में जनवरी, 1,2016 से शिक्षण और गैर शिक्षा कर्मचारियों की वेतनमान में संशोधन की अनुशंसाओं को मंजूरी दी।

महाराष्ट्र सरकार ने भी 17 लाख राज्य कर्मचारियों के लिए जनवरी 2019 से 7 वें वेतन आयोग के तहत वेतन वृद्धि की घोषणा की है। तो जाहिर है कि केंद्र सरकार के कर्मचारी भी कुछ सकारात्मक खबरों की उम्मीद कर रहे हैं। यहां यह ध्यान दिया जा सकता है कि सरकार किसी भी समय इस तरह के फैसले की घोषणा कर सकती है, और इसे किसी विशेष दिन पर होने की आवश्यकता नहीं है। इसकी घोषणा आमचुनावों से पहले कभी भी किया जा सकता है।

यहां इस बात पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों से परे न्यूनतम वेतन वृद्धि की उम्मीद में केन्द्रीय रिजर्व बैंक से ही झटका लग सकता है। इस महीने की शुरुआत में, भारतीय रिजर्व बैंक ने पॉलिसी रेपो दर को 25 आधार अंकों से 6.5% तक बढ़ाने का फैसला किया था। भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी तीन दिवसीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के बाद रिवर्स रेपो रेट में वृद्धि की घोषणा करते हुए इसे 6.25% कर दी है।
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रिजर्व बैंक ने एक बयान में कहा कि "मौद्रिक नीति समिति ने लिक्वीडिटी एडजस्टमेंट फैसिलिटि (एलएएफ) के तहत 25 आधार अंकों से 6.5% तक पॉलिसी रेपो दर बढ़ाने का फैसला किया है, इसके परिणामस्वरूप, एलएएफ के तहत रिवर्स रेपो दर 6.25% और सीमांत मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी और बैंक दर को 6.75% में समायोजित की गई है।

आरबीआई ने अपनी रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया है कि 7 वें वेतन आयोग के कार्यान्वयन के कारण मुद्रास्फीति दर में वृद्धि हुई है। संशोधित एचआरए संरचना के अनुसार 7वें वेतन आयोग के तहत जुलाई 2017 से लागू हुई थी।

वर्तमान में, केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 2.57 फिटनेस फॉर्मूला के अनुसार मूल वेतन मिल रहा है और यदि यह बड़ा कदम उठाया गया, तो यह केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खबर के रूप में आएगा।

फिटमेंट फैक्टर 7वें सीपीसी द्वारा उपयोग किया जाने वाला वो आंकड़ा है जिसके साथ संशोधित वेतन संरचना (यानी 7 वीं सीपीसी) में मूल वेतन 6वें सीपीसी (यानी वेतन बैंड + ग्रेड वेतन) में गुणा कर प्राप्त किया जाता है। 7वें सीपीसी द्वारा तैयार किया गया फिटमेंट फैक्टर 2.57 है। 

बातचीत इस बारे में भी हो रही थी कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाई जा सकती है पर यह खबर भी सच साबित नहीं हो सका।


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