Thursday, 20 September 2018

खुशखबर - सरकार ने बधाई ब्याज दरें अब छोटी बचत पर मिलेगा ज्यादा लाभ

खुशखबर - सरकार ने बधाई ब्याज दरें अब छोटी बचत पर मिलेगा ज्यादा लाभ

केंद्र सरकार ने डाकघर में चल रही छोटी बचत योजनाओं पर मिलने वाले ब्याज में इजाफा कर दिया है। वित्त मंत्रालय ने सभी योजनाओं पर मिलने वाले ब्याज में 30 से 40 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर दी है।

यह हुई है बढ़ोतरी

वित्त मंत्रालय ने आगामी अक्टूबर- दिसंबर की तिमाही के लिए नई ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है। सरकार ने जिन बचत योजनाओं की ब्याज दरों में इजाफा किया है, उनमें
  • एक से पांच साल वाली बचत योजना
  • 5 साल अवधि की सवधि जमा योजना
  • वरिष्ठ नागरिक स्कीम
  • मासिक आमदनी खाता
  • नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट
  • पीपीएफ
  • किसान विकास पत्र
  • सुकन्या समृद्धि योजना

यह है नई ब्याज दर
 
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अभी यह है ब्याज दर

पोस्ट ऑफिस में चलने वाली विभिन्न सेविंग स्कीम पर मिलने वाले ब्याज दर में केंद्र सरकार ने दिसंबर में कटौती की थी। तब पीपीएफ पर 7.6 फीसदी, एनएससी पर 7.6 फीसदी, मंथली सेविंग स्कीम पर 7.3 फीसदी, सुकन्या पर 8.1 फीसदी और वरिष्ठ नागरिक सेविंग स्कीम पर 8.3 फीसदी ब्याज दर तय की थी।

सेविंग स्कीम में है लॉक-इन पीरियड

अभी इन सभी बचत योजनाओं में अलग-अलग लॉक-इन पीरियड है, जिसके कारण लोगों को तय अवधि तक निवेश करना होता है और उसके बाद वो अपनी जमा राशि निकाल सकते हैं। हालांकि सरकार पीपीएफ सहित सभी योजनाओं के लिए कानून में बदलाव करने भी जा रही है, जिसके कारण इस तरह के सभी लघु बचत खाते बैंकों में चलने वाले आम बचत खाते में तब्दील हो जाएंगे। 
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इमरजेंसी के वक्त निकाल सकेंगे पैसा
पीपीएफ में फिलहाल 15 साल का लॉक-इन पीरियड है, जिसमें 7 साल के बाद चार साल तक जमा हुई कुल राशि की 50 फीसदी रकम निकाली जा सकती है। इस स्कीम में पांच साल बाद खाते को बंद कर सकते हैं, लेकिन ब्याज नहीं मिलेगा।

नये कानून से इन खातों पर पड़ेगा असर

स्मॉल सेविंग एक्ट के खत्म होने से जिन अकाउंट्स पर सर्वाधिक असर पड़ेगा, उनमें पोस्ट ऑफिस सेविंग बैंक अकाउंट, नेशनल सेविंग मंथली इनकम, नेशनल सेविंग आरडी अकाउंट, सुकन्या समृद्धि अकाउंट, नेशनल सेविंग टाइम डिपॉजिट (1,2,3 और 5 साल), सीनियर सिटीजंस सेविंग स्कीम, एनएससी, पीपीएफऔर किसान विकास पत्र शामिल हैं।

सरकार जो नया कानून लेकर के आएगी, उसके मुताबिक खाताधारक किसी भी इमरजेंसी के वक्त खाते से पैसा या फिर उसको बंद कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि ऐसा करने से ज्यादा से ज्यादा लोग इन लघु बचत योजनाओं में निवेश करेंगे।
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